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Friday, December 8, 2017

आत्म दर्शन पुस्तक प्रकाशित हो चुकी है।

आत्मा का दर्शन करना ही जीवन का परम लक्ष्य है। परन्तु यह आत्मा का दर्शन करना तथा ज्ञान होना इत्यादि बहुत ही कठिन है, और यह आसानी से न समझ में आने वाला होता है। आत्मा का ज्ञान जिन्हें प्राप्त है तथा उनके द्वारा जैसा कहा गया है, वैसा ही अनुभव योग समाधि के द्वारा होता है। इसे सभी अनुभव कर सकते हैं, यदि मार्ग उचित और भक्ति सच्ची हो तो। मेरा व्यक्तिगत अनुभव प्रस्तुत लेख से भिन्न नहीं है।

अतः मैं अपने व्यक्तिगत शब्दों का प्रयोग न करके, ईश्वर श्री कृष्ण, अन्य गणमान्य महापुरुषों तथा प्रमाणित शास्त्रों के शब्दों के द्वारा ही इस विषय का यथाशक्ति वर्णन करूँगा। क्योंकि इस दुर्विज्ञेय विषय में मिथ्या वर्णन की संपूर्ण संभावना है, इसलिए मैं केवल सर्वश्रेष्ठ शास्त्रों में उपलब्ध प्रवचनों को ही क्रमबद्ध करके वर्णन करने में ही अपना स्वयं का तथा विश्व का भी हित समझता हूं।

प्रस्तुत इस लेख में आत्मा शब्द की व्युत्पत्ति, उद्भव, विकास एवं प्रयोग तथा आत्मा की परिभाषा, आत्मा की जिज्ञासा का आदेश, आत्म अज्ञता का कारण एवं फल, अज्ञानी की निन्दा, आत्मज्ञान के विषय में वेद की असमर्थता, आत्मज्ञान के लिए प्रेरणा, आत्मज्ञान का उपाय, आत्मज्ञान का विस्तार पूर्वक वर्णन, जीवात्मा का स्वरूप, परमात्मा का स्वरूप, आत्मयज्ञ एवं आत्मज्ञान का फल आदि विषयों का विशद विवरण संदर्भ सहित किया गया है।

परमहंस जिदानन्द

अक्टूबर १८, २०१७.

यह पुस्तक अमेज़न स्टोर में यहां उपलब्ध है।

Sunday, August 20, 2017

सत्य धर्म प्रकाश पुस्तक प्रकाशित हो चुकी है।

शीर्षक "सत्य धर्म प्रकाश" के तहत प्रस्तुत यह कार्य मानव समाज की जागृति, पृथ्वी पर सत्य धर्म के ज्ञान और प्रसार की प्रगति के लिए है। प्रस्तुत पुस्तक का शीर्षक एक उत्तरदायी तरीके से धार्मिक आदेशों का वर्णन करता है तथा इसमें सरल रूप में और अधिक सुगम हिंदी भाषा का प्रयोग किया गया है, यहां उत्तर-पश्चिम भारतीय क्षेत्र में स्थानीय लोगों तक पहुंचने के लिए, जहां मेरा जन्म हुआ और वर्तमान में उसी के लिए काम किया जाता है। यह पुस्तक गैर-प्रतिकूल तरीके से लिखी गई है, बिना किसी आलोचनात्मक या पूर्व मौजूदा विश्व के धार्मिक आदेशों और मौजूदा विश्व के धर्मों के संदर्भ में। यह पुस्तक सत्य धर्म को स्पष्ट करने के लिए एक दृष्टिकोण है जैसा कि सत्य धर्म मिशन द्वारा व्यक्त किया गया है। इस पुस्तक में सच्चे धर्म की व्याख्या की गई है और इसकी आवश्यकताएं और प्रयोज्यता के साथ ही इसकी नींव के आधारभूत स्तंभ भी शामिल हैं। इस पुस्तक में व्यापक रूप से उन योग मार्गों की विस्तृत जानकारी शामिल है जो एक योगी की यात्रा या सच्चे धर्म के भक्त के दौरान हो सकते हैं। पुस्तक में ध्यान, योग, तपस्या, ईश्वर और प्रासंगिकता और रूचि के कई सहयोगी बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी और निर्देश शामिल हैं। इस पुस्तक के रूप में सत्य धर्म मिशन द्वारा व्याख्या किये गये उपदेशों को समझना और अनुसरण करना बहुत आसान है। सत्य धर्म की सारी सृष्टि का मुख्य उद्देश्य सभी प्राणियों को खुशी प्रदान करना है और भक्तों या अनुयायियों को मुक्ति प्रदान करना और अनुनय है। सत्य धर्म मिशन द्वारा प्रतिपादित इन अध्यायों का पालन करके, यह आशा है कि व्यक्ति या समाज इस मानव जीवन में मानव होने के अपने अंतिम उद्देश्य को प्राप्त करने में सक्षम हो जाएगा।
यह पुस्तक यहां उपलब्ध है।

परमहंस जिदानंद
भारत।
अगस्त २०, २०१७.

Friday, July 7, 2017

राजनीति समुच्चय प्रकाशित होने वाली है।

यह पुस्तक लगभग ढाई हजार साल पहले संस्कृत में लिखी गई थी। मैंने यह पुस्तक पहले भी अंग्रेजी में लिखी है। परंतु इसको हिंदी में भी लिखने की मेरी इच्छा हुई। मैंने इस पुस्तक में हर जगह कोशिश की है कि इसमें कोई कमी न रह जाए। यद्यपि यह पुस्तक संस्कृत में है परन्तु यह हिंदी में भी उतनी ही ज्ञान वर्धक है। मुझे आशा ही नहीं विश्वास है कि यह पुस्तक आपको अवश्य पसंद आएगी।
इस पुस्तक में हर जगह कोशिश की गई है कि आप इसे पढ़कर एक अच्छा इंसान बनने की कोशिश करेंगे। इस पुस्तक को हिंदी में लिखना उतना आसान नहीं था परंतु मैंने इस पुस्तक को फिर भी हिंदी में लिखा, ताकि हर व्यक्ति जो हिंदी जानता है वह इस पुस्तक को समझ सके तथा इसका लाभ ले सके। मैंने यह पूरी तरह प्रयत्न किया है कि यह पुस्तक पूर्ण रूप से शुद्ध हो परन्तु यह बहुत सम्भव है कि प्रयत्न करने के उपरांत भी कोई कमी रह गई हो। उसके दूर करने के लिए मैं हमेशा तत्पर हुं।

© परमहंस जिदानन्द

यह पुस्तक यहां उपलब्ध है।